प्राचीन भारतीय वाङ्मय में घोड़े एवं उनका महत्व

घोड़ों को भारतीय वाङ्मय में सदैव ही महत्व प्रदान किया गया है। प्राचीन समय में वीर योद्धा अच्छी नस्ल के घोड़ों से खींचने वाले रथ पर युद्ध करते थे अथवा उनकी पीठ पर सवारी कर संग्राम किया करते थे। अतः यह स्वाभाविक है कि प्राचीन भारतीय इतिहास में घोड़ों का एक व्यापक साहित्यिक वर्णन हमे प्राप्त होता है।