उत्तर काण्ड – दुविधा के कारण

रामायण हमारे सबसे बड़े और महान महाकाव्यों में से एक है, इसे एक जीवित शिक्षक के तुल्य माना जाता है जो लोगों को सभ्य मानव के रूप में अग्रणी जीवन की बारीकियों से अवगत कराता है।

श्री कृष्णा से रणछोड़ तक

विकिपीडिया तथा कई वेब समाचार एजेंसियां यह कहती हैं  “श्रीकृष्ण से कंस वध का प्रतिशोध लेने के लिए जरासंध ने कई बार मथुरा पर चढ़ाई की जिसके कारण भगवान श्रीकृष्ण को “मथुरा छोड़ कर भागना पड़ा” फिर वह द्वारिका जा बसे, तभी उनका नाम “रणछोड़” कहलाया।

महाराज पांडु

महाराज पांडु : कथा एक अभिशप्त जीवन की

महाभारत की अनेक कथाओं में से महाराजा पांडु की कथा, जहाँ उनको एक महर्षि द्वारा एक श्राप दिया जाता है, काफी प्रसिद्ध हैं। इस श्राप को महाभारत का एक महत्वपूर्ण केंद्रबिंदु समझा जाता है। इस श्राप के कारण ही महाराजा पांडु की मृत्यु हो जाती है तथा महाभारत कुरु राजकुमारों के बीच संघर्ष में डूब जाता है। तथापि इस प्रकरण में छिपे परिप्रेक्ष्य के बारे जनमानस को भलीभांति ज्ञात नहीं है।

महाभारत – पृष्ठभूमि तथा परिपेक्ष्य

महाभारत में श्री गणेश जी की भूमिका अत्यधिक प्रसिद्ध है। इसके रचयिता श्री व्यास जी एवं लिपिकार श्री गणेश द्वारा की गयी चर्चा महाभारत के सबसे प्रसिद्ध अध्यायों में से…