अनाम कला का रहस्य- भाग-३

आधुनिक पश्चिम में कला ‘व्यक्ति’ और ‘व्यक्तिगत नवीनता’ पर टिकी हुई है। इसे केवल व्यक्ति के नाम से ही जाना जाता है। आधुनिक कला में कलाकार ही सर्वोच्च है।

अनाम कला का रहस्य- भाग-२

जिन अद्भुत हाथों ने अप्रतिम एलोरा, कांचीपुरम, खजुराहो, कोणार्क या मोढ़ेरा को रचा है, हमें उनके नाम ज्ञात हैं?

अनाम कला का रहस्य- भाग-१

क्या आपने कभी जानने की चेष्टा की कि मूर्ति पर कलाकार के हस्ताक्षर कहाँ है? मंदिर पर वास्तुकार का नाम कहाँ है? कला में स्थित कलाकार कहाँ है? ये कुछ अज्ञात से प्रश्न हैं।

श्रीमद्भगवद्गीता- एक दृष्टिकोण

मानव सृष्टि के आदि में भगवान श्री कृष्ण के श्री मुख से नि:सृत अविनाशी योग अर्थात श्रीमद्भगवद्गीता जिसकी विस्तृत व्याख्या वेद और उपनिषद में है, उसी आदिशास्त्र को भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन के प्रति पुनः प्रकाशित किया।

शुभ दीपावली की कहानी

स्वयं दीप बनें

आइए ! इस दीपोत्सव की शुभ बेला में हम भी जलते दीपक के समान इन संदेशों को धारण कर अपने जीवन को अनंत प्रकाश से भर आनंद के सागर में अवगमन करें और अपने संपूर्ण व्यक्तित्व को राष्ट्रहित में समर्पित करें।

हिंदी साहित्य

हिंदी साहित्य का इतिहास, एवं हिंदी भाषा का उद्भव, प्रदेश, उपभाषाएं इत्यादि के बारे में इस लेख में पढिए।