All posts tagged: Terrorism

Book Review: Londonistan

As Britain becomes more multi-cultural and more heterogeneous a society, it has also had to face a most unfortunate consequence of this intermingling. People – immigrants – who have turned against their motherland. The London terrorist attacks of 2005 brought this problem to the forefront for much of Britain – “The realization that British boys would want to murder their fellow citizens was bad enough.” What some have perceived as a lax and permissive attitude among the intelligentsia to the sprouting of Islamic fundamentalism has led to the coinage of a pejoration: “Londonistan” – “a mocking play on the names of such state sponsors of terrorism as Afghanistan”, and the despair that London itself has become “the major European center for the promotion, recruitment and financing of Islamic terror and extremism.” This book, then, is a scathing look at the players that have led to, in the author’s view, a surrender to the forces of Islamic fundamentalism in Britain. In the author’s view, and backed by considerable data, such a pejoration – the term ‘Londonistan’ …

Book Review: 26/11 Unforgiven

जैसा कि पुस्तक का शीर्षक अपने आप मेँ अभिव्यक्त करता है कि 26/11 का बर्बरिक आतँकवादी हमला अक्षम्य है| लेखन की विधा एक कहानी की तरह है| कहानी का मुख्य पात्र एक भारतीय है जो सँवेदनशील,घोर पारिवारीक और कोमल हृदय का है| नायक के पिता की सैन्य पृष्ठभूमि उसे सेना के उस स्वरुप की अनुभूति करवाती है जो एक सामान्य नागरिक की कल्पना से परे है कि सेना के अधिकारियोँ और सैनिकोँ के बीच किस तरह का पारिवारीक सूत्र बँधा होता है| कहानी का नायक विक्रम अपने परिवार अपनी पत्नी कीर्ति और बेटी मेघा को 26/11 ताज पर हुए हमले मेँ खो देता है| विक्रम 26/11 का प्रत्यक्षदर्शी है| यह कहानी नायक के जीवन मेँ घटित इस घटना के बाद उसके भीतर चलने वाले कोहराम और उसके जीवन मे घटित घटनाओँ के बारे मेँ विस्तार से समझाती है| मूल रुप से पुस्तक अँग्रेजी मे लिखी गयी है| पुस्तक की भाषा बहुत सहज, सरल और निर्बाध गति से बहने वाले गद्य की तरह है, लेखन की शैली पाठक को कहानी के पात्र से जोडे रखती है| …